खोदी गई सड़क तुरंत होनी चाहिए दुरूस्त गाइड लाइन जारी

मीनेश चंद्र मीणा
हैलो सरकार न्यूज नेटवर्क
जयपुर। सड़क खोदकर पाइप लाइन डालने के बाद खुदी हुई सड़क की समय पर एवं सही ढंग से मरम्मत नहीं होने के कारण आमजन विशेषकर वाहन चालकों को होने वाली परेशानियों को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. महेश जोशी ने गंभीरता से लिया है। डॉ. जोशी ने जलापूर्ति योजना के कार्यों के बाद रोडकट की सही ढंग से मरम्मत नहीं होने की शिकायतों को देखते हुए खोदी गई सड़कों को सही गुणवत्ता के साथ एवं समय पर ठीक करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देशों के बाद विभाग ने इस संबंध में गाइड लाइन जारी की है।

सड़क खोदकर पाइप लाइन डालने के बाद खुदी हुई सड़क की समय पर एवं सही ढंग से मरम्मत नहीं होने के कारण आमजनो को होती है दुविधा


इस गाइड लाइन में स्पष्ट किया गया है कि-
1. रोडकट से पहले संबंधित एजेंसी से एडवांस में अनुमति ली जाए।
2. विभिन्न सरकारी विभागों एवं निकायों में आपसी सामंजस्य हो ताकि समन्वय की कमी के कारण पहले रोडकट की मरम्मत के कुछ ही समय में फिर से रोडकट की जरूरत नहीं पड़े। ऐसा होने पर सरकारी पैसे की बर्बादी तो होती ही है उस क्षेत्र के लोगों को भी परेशानी झेलनी पडती है।
3. रोड का कोई भी हिस्सा एक बार कट हो तो विभिन्न विभाग अथवा एजेंसी से जुड़े पाइप लाइन सहित अन्य कार्य एक साथ कर लिए जाएं।
4. रोड के किसी हिस्से की खुदाई इस तरह से प्लान की जाए कि राहगिरों एवं वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी नहीं हो।
5. रोड कट उतनी ही लंबाई में हो जितना दिन भर के कार्य के बाद शाम को रिपेयर किया जा सके। खुदी हुई सडक को बिना किसी कारण एवं सुरक्षा व्यवस्था किए (बैरिकेडिंग- सुरक्षा घेरा) खुला नहीं छोड़ा जाए।
6. मानसून सीजन में सड़क की खुदाई से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि इससे उस क्षेत्र के लोगों एवं वहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए अवरोध पैदा नहीं हो।

सड़क खोदकर पाइप लाइन डालने के बाद खुदी हुई सड़क की समय पर एवं सही ढंग से मरम्मत नहीं होने के कारण आमजनो को होती है दुविधा


नए दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि वाटर सप्लाई योजना के लिए की जाने वाली खुदाई से पहले ही यह सुनिश्चत किया जाए कि – पाइप लाइन डालने के बाद खोदी गई सड़क तुरंत वाहनों के चलने के लायक स्थिति में की जाए, जल कनेक्शन कार्य के दौरान सेक्शनल पाइप लाइन डालने के साथ ही उसकी टेस्टिंग भी कर ली जाए और टेस्टिंग के बाद सड़क की मरम्मत भी साथ-साथ ही हो जाए, सड़क खुदाई से पहले जैसी थी वैसी ही खुदाई के बाद भी बना दी जाए, जिस जगह खुदाई हुई थी वहां मरम्मत के बाद सड़क का हिस्सा बाकी सड़क के साथ लेवल में लाया जाए यानी उबड़-खाबड़ नहीं हो।
अतिरिक्त मुख्य सचिव जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने विभाग के सभी मुख्य अभियंताओं एवं अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं को जलापूर्ति योजनाओं के कार्यों के बाद सडक मरम्मत कार्यों की स्टेटस एवं प्रगति रिपोर्ट पखवाडे एवं प्रतिमाह के आधार पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी फील्ड इंजीनियरों को भी इन दिशा-निर्देशों की पालना तुरंत प्रभाव से सुनिश्चित करने को कहा।

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