भाजपा में मची खलबली :: बाड़ाबंदी में से बीस पार्षद गायब, विधायकों ने संभाला मोर्चा

रवि प्रकाश जूनवाल
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख
जयपुर। भारत की संविधान निर्माताओं को यदि इस बात का ज्ञात होता कि भविष्य में लोकतांत्रिक रूप से चुने हुए जनप्रतिनिधियों को बाड़ाबंदी का शिकार होना पड़ेगा तो इस बारे में जरूर संविधान में मजबूत प्रावधानों का समावेश करते।
खैर, ग्रेटर नगर निगम में 10 नवंबर को होने वाले महापौर उप चुनाव के मतदान से पहले बीजेपी और कांग्रेस के पार्षदों की जमकर बाड़ाबंदी हो रही है। जहां एक ओर कांग्रेस के पार्षद मानसरोवर स्थित रिसोर्ट के पूल में मस्ती करते दिखे। वहीं बीजेपी ने जिस होटल में अपने पार्षदों को ठहराया है, वहां से 20 से ज्यादा पार्षद नदारद हैं। जिससे बीजेपी में हड़कंप मच गया। ऐसे में अब बीजेपी के विधायक कालीचरण सर्राफ, अशोक लाहोटी और नरपत सिंह राजवी के साथ पूर्व विधायक राजपाल सिंह और कैलाश वर्मा ने होटल में पहुंचे कमान संभाली है। उधर, विष्णु लाटा प्रकरण को दोहराए जाने के सवाल पर बीजेपी शहर अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के पुराने नेतृत्व पर सवाल उठाए।

फोटो में स्विमिंग पूल में स्नान करते हुए कांग्रेसी पार्षद जबकि भाजपा की बाड़ा बंदी में 20 पार्षद गायब होने से कर रहे हैं चिंतन


पहले सबक सीख चुके जयपुर नगर निगम में साल 2019 में मेयर पद पर हुआ उलटफेर बीजेपी के जहन में है। ऐसे में बीजेपी ने इस बार कोई भी चूक ना रह जाए, इसके लिए पार्षदों की 7 दिन की बाड़ाबंदी की है। हालांकि जिस होटल में पार्षदों को ठहराया गया है, वहां से फिलहाल 20 पार्षद नदारद हैं। इनमें से कुछ नाराज हैं, कुछ बीमार हैं, तो कुछ शादियों में व्यस्त बताए जा रहे हैं। लेकिन बीजेपी की सबसे बड़ी चिंता पार्टी में चल रही गुटबाजी है। जिसकी वजह से कांग्रेस बीजेपी पार्षदों को तोड़ते हुए क्रॉस वोटिंग का दंभ भी भर रही है। हालांकि बीजेपी के विधायकों ने यहां मोर्चा संभालते हुए 100 से ज्यादा वोट मिलने का दावा करते हुए कहा है कि कांग्रेस के 9 जबकि 4 निर्दलीय पार्षद उनके संपर्क में हैं। ऐसे में बीजेपी के 85 और बीजेपी समर्थक 8 निर्दलीय पार्षद के अलावा भी बीजेपी प्रत्याशी को वोट मिलेंगे।
वहीं बीजेपी शहर अध्यक्ष राघव शर्मा ने कहा कि बीजेपी की रणनीति इतनी फुलप्रूफ होगी कि कांग्रेस को उसकी शिकस्त का पूरी तरह एहसास करा देंगे। पूर्ण बहुमत होने के बावजूद बाड़ाबंदी के सवाल पर राघव शर्मा ने कहा कि वो हर अवसर का फायदा उठाते हैं। पार्षदों के प्रशिक्षण शिविर से उनमें परिवार का भाव पैदा होगा। एक दूसरे को निकटता से जानेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ पार्षद बीमार हैं, कुछ बाहर गए हुए हैं, और कुछ शादियों में व्यस्त हैं। ऐसे पार्षदों को रोका नहीं जा सकता। वहीं उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि वो पहले हेरिटेज में तो समितियों का गठन कर लें फिर भले ही लाटा प्रकरण दोहराते रहना। विष्णु लाटा के समय प्रदेश नेतृत्व और जिला अध्यक्ष दूसरा था, आज की तारीख में जिला अध्यक्ष और प्रदेश नेतृत्व ईमानदारी से पिछली कमियों को दूर करने में लगा हुआ है।
उधर, मानसरोवर स्थित रिसॉर्ट में कांग्रेसी पार्षद बाड़ाबंदी में मस्ती करते दिखे। यहां सुबह से पूल में डुबकी लगाने से लेकर स्वादिष्ट व्यंजनों का पार्षदों ने लुत्फ उठाया। इस दौरान कांग्रेस पार्षद करण शर्मा ने कहा कि बीजेपी पार्षद अंतरात्मा की आवाज सुनेंगे और कड़ी से कड़ी जोड़ने का प्रयास करेंगे। कांग्रेस पार्टी राजस्थान में अच्छा काम कर रही है, ऐसे में बीजेपी का पार्षद अपने अंतरात्मा की आवाज सुनकर कांग्रेस पार्टी के समर्थन में हेमा सिंघानिया के पक्ष में वोट डालेंगे। कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ हेमा सिंघानिया को मेयर बनाएगी।

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