जज दंपति व पुलिस के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज, सीबीआई से जांच कराने की मांग

रवि प्रकाश जूनवाल
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख
जयपुर : एनडीपीएस विशेष न्यायालय का सहायक कर्मचारी सुभाष मेहरा की मौत का मामला राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के ज्ञापन तथा पीड़ित परिवार के परिवाद पर मामला जुर्म धारा 302, 342, 370, 120B भारतीय दंड संहिता के साथ 3(1)(H), 3(2)(V), 3(2)(VA) अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत जज दंपति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हो गया है।


गौरतलब है कि राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के साथ ऑल इंडिया सबोर्डिनेट कोर्ट स्टाफ एसोसिएशन ने भी राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मिलकर जज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की थी। अंततः नई कर्मचारियों के संगठन तथा पीड़ित परिवार के परिवाद पर पुलिस थाना भांकरोटा ने एफआईआर संख्या 751/2022 दर्ज कर मामले की जांच पुलिस सहायक आयुक्त बगरू के जिम्मे की गई है।
मृतक सुभाष मेहरा की बहन ने मुकदमे में जज दंपत्ति और पुलिस वालों के खिलाफ आरोप लगाते हुए बताया कि “मेरे भाई सुभाष मेहरा एन. डी. पी. एस. कोर्ट,जयपर महानगर, प्रथम में सहायक कर्मचारी के पद पर राजकीय सेवा में कार्यरत है। मेरा भाई पिछले छः महिने लगभग से एन. डी. पी. एस. कोर्ट के जज साहब कृष्णस्वरुप चलाना के कमला नेहरू नगर, अजमेर रोड स्थित उनके निजी निवास में जज साहब द्वारा दिन रात घरेलू बेगार करवाई जाती थी और उसे घरेलू बेगार के लिए डरा धमकाकर अपने मकान में ही रहने के लिए दबाया जाता था। तथा उनके मकान में ही मेरे भाई को ताले में रखते थे। मेरा भाई पिछले काफी दिनो से जज साहब कृष्णस्वरुप चलाना और उनकी पत्नी से बहुत परेशान था। मेरे भाई को कोर्ट की छुट्टी में कोर्ट नही जाने देते थे। और घर पर ही उनके घरेलु काम जैसे कपडे धोना, बर्तन, झाडु-पोंछा बर्तन मांजना बच्चे को तैयार करना, स्त्री करना। ये सब काम करवाये जाते थे। जज साहब और उनकी पत्नी मेरे भाई को कहते थे कि तुझे डयुटी पर कोर्ट जाने की जरुरत नही है। बाकि हमारे घर पर ही तेरी डयुटी है। तू घर पर काम नही करेगा तो डयुटी से निकाल देंगे। मेरे भाई को जज साहब और उसकी पत्नी उन्हें घर पर आने नही देते थे। मेरा भाई उनके घर के काम से परेशान होकर थक कर लगभग आठ दिन पहले हमारे घर आया था। छः – सात दिन रुकने को दौरान तीन बार पुलिस वाले सुभाष चौक थाने से हमारे घर मेहरों की नदी मेहरों का बाग बहन प्रियंका (बदला हुआ नाम) के घर लेने आये। और जबरदस्ती मेरे भाई को जज साहब के घर ले जाने लगे। पुलिस कोन आये मेरे घर वाले शकल से जानते है। हमने कहा तबियत ठीक नही है दो तीन दिन रुकने दो लेकिन दो बार तो पुलिस वाले वापस चले गये। लेकिन तीसरी बार पुलिस वाले मेरे भाई सुभाष मेहरा को जबरदस्ती उठाकर पुलिस की गाडी में डालकर ले गए और कहा जज साहब ने बुलाया है उनका घर काम कौन करेगा। पहले थाने ले गये और एक पुलिस वाला सुभाष के कपडे घर लेने आया ओर कपडे लेकर चला गया हम घर वाले खुब रोए और मना किया। मत ले जाओ लेकिन वो पुलिस वाले माने नही । हमने मेरे भाई को कॉल किया तो बोला जज साहब घर के कामो के लिए बुला रहे है। जाना पडेगा। दस तारीख की सुबह (10-11-22) को सुबह 10 बजे एक पुलिस वाला मेरी बहन प्रियंका (बदला हुआ नाम) के घर मेहरो के बाग मे आया और हमसे कहा कि सुभाष मेहरा की तबीयत ज्यादा खराब है। हमारे साथ चलो। मेरे जीजा जी दयाराम (बदला हुआ नाम) मम्मी कविता देवी (बदला हुआ नाम) और मेरा बडा भाई जय राम (बदला हुआ नाम) पुलिस वालो के साथ जज साहब के घर चले गये। हमे पुलिस वाले अपनी गाडी मे लेकर गये। जज साहब के घर जीजा जी और घरवालो से पुछताछ की। और हमको तीसरी मंजिल पर छत की खिड़की से हमे छत पर दिखाया। सुभाष मेहरा जला हुआ छत पर पडा था। दरवाजा खुलवाकर मेरे जीजा जी, भाई मम्मी छत पर गए। तो मेरा सुभाष मेहरा जला हुआ पड़ा था। उसकी पेट की आतडीया बाहर निकली हुई। हमारे घर वाले के जाने से पहले से ही एफ एस एल टीम और काफी लोग पुलिस वाले वहा पर मोजूद थे। मेरा भाई पुरा जला हुआ था। आर मृत अवस्था में पड़ा था मेरे भाई की सुभाष मेहरा की जज साहब कृष्ण स्वरुप चलाना और उनके घरवालो ने मिलकर हत्या कर दी। और हमे कहा कि इसने आत्महत्या की है जबकि यह आत्महत्या न होकर सीधा-2 हत्या का मामला है। जज साहब ने हमे बार बार कहा कि मैं पावरफूल हू। आपके सब काम करवा दूंगा परिवार मे इसकी किसी कर्जा हो तो सब माफ करवा दूंगा। मेरे भाई के मोबाइल नं. 8949093260 है। जज साहब के कर्मचारी ने मेरे जिजाजी को मोबाइल सम्भलाया उसमे सिम नही थी। मेरे भाई के उक्त नम्बर की कॉल डिटेल निकलवाई जाए। मेरे भाई को जज साहब आर पुलिस वाले आर रास्ते मे से एक डाक्टर लेकर मृत अवस्था मे बगरु सरकारी अस्पताल ले गये जहा मेरे भाई का पोस्टमार्टम हुआ फिर हमको लाश गाठ में पेक करके मेरे जिजाजी को मम्मी भाई को सम्भलवा दिया। मेरे भाई की हत्या हुई है। हत्या के बाद से पिछले दो दिन मे पुलिस वाले आकर मेरे भाई और जीजा से बिना पढाये कई कागजों पर हस्ताक्षर लेकर गए है और आईडी और फोटू लेकर गये है। जज साहब आर पुलिस वालो द्वारा मेरे भाई के हत्या की सबूत नष्ट करने की कोशिश की जा रही है।”


सुभाष मेहरा की मौत के मामले में मुकदमे के अनुसार पुलिस और जज दंपति की भूमिका पर सवाल उठाते हुए प्रकरण दर्ज किया गया है। अब देखना होगा कि क्या जांच अधिकारी उचित कार्रवाई कर हत्या के आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजेंगे या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। बहरहाल, प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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