आदेश में वकीलों को अपराधी बताने वाली अधिकारी की नौकरी पर लटकी तलवार, हुई सस्पेंड

रवि प्रकाश जूनवाल
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख
जयपुर : राजस्थान सरकार ने नगर निगम जयपुर हेरिटेज की उपायुक्त श्रीमती कनक जैन ने अपने आदेश में वकीलों को अपराधी बताकर नगर निगम के ऑफिस में प्रवेश करने पर रोक लगाई थी। वकीलों को अपमानित करने वाले इस प्रकार के आदेश से वकील समुदाय में भारी आक्रोश पैदा हो गया। लिहाजा वकील समुदाय श्रीमती कनक जैन के खिलाफ तुरंत उचित कार्रवाई करने के लिए राज्य सरकार को अवगत कराया। जिस पर राज्य सरकार ने बुधवार को आदेश जारी कर श्रीमती कनक जैन को निलंबित कर दिया।
राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने कार्मिक विभाग जांच विंग के उप शासन सचिव कैलाश चंद्र कुमावत ने बुधवार को एक आदेश जारी कर राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्रीमती कनक जैन को निलंबित कर दिया है।

राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने कार्मिक विभाग जांच विंग के उप शासन सचिव कैलाश चंद्र कुमावत ने बुधवार को एक आदेश जारी कर राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्रीमती कनक जैन को निलंबित


आदेश में बताया गया की राज्य सरकार ने राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) 1958 के नियम-13 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्रीमती कनक जैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। श्रीमती कनक जैन अपने निलंबन अवधि के दौरान अपनी उपस्थिति नियमित रूप से शासन सचिवालय में कार्मिक विभाग के मुख्यालय पर देती रहेगी। आदेश में यहां तक बताया गया कि श्रीमती कनक जैन बिना मुख्यालय के अनुमति के कहीं जा नहीं सकती।
जैसे ही राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी जयपुर नगर निगम हेरिटेज के उपायुक्त श्रीमती कनक जैन की निलंबन की सूचना वकील समुदाय को मिली तो वकील समुदाय ने अपनी जीत बताते हुए खुशी मनाई। यद्यपि राजस्थान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने श्रीमती कनक जैन को राजकीय सेवा से बर्खास्त करने की मांग की थी। निलंबन के बाद राज्य सरकार यदि आरोप सही पाया जाता है तो श्रीमती कनक जैन को राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण, अपील) नियम, 1958 के तहत राजकीय सेवा से बर्खास्त भी किया जा सकता है।

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