लायक बनकर लोगों के काम न आना सबसे बड़ा पाप – टीकाराम

हैलो सरकार न्यूज़ नेटवर्क


जमवारामगढ़। रविवार को जमवारामगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के कानडियावाला में सर्व समाज प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया इस दौरान मुख्य अतिथि आईएएस भारत सरकार और पुर्व मुख्य सचिव केरल सरकार  टीकाराम मीणा ने बताया कि प्रतिभा और मेहनत दोनों का मेल सफलता दिलाता है। लायक बनने के बाद यदि कोई लोगों के काम न आए तो यह पाप है और लक्ष्मीनारायण मीना चेरिटेबल ट्रस्ट के इस आयोजन में उन्‍होंने कहा कि हर प्रतिभाशाली विद्यार्थी का सपना होता है कि वह अधिकारी बने। अधिकारी बनने के बाद वह माटी से कटकर खुद को विशिष्‍ट समझने लगे तो इसे दुर्भाग्‍य ही कहा जाएगा। उन्‍होंने कहा कि वरिष्‍ठ प्रशासनिक अधिकारी उप शासन सचिव राजस्थान सरकार डा.हरसहाय मीना एवम् ट्रस्ट अध्यक्ष सुमन मीणा धन्‍यवाद के पात्र हैं जिन्‍होंने अफसर बनने के बाद भी अपनी देहाती जड़ों को उखड़ने नहीं दिया। श्री लक्ष्‍मीनारायण मीना मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान को उन्‍होंने ऐतिहासिक बताया और इस पुनित कार्य को उन्होंने जमकर सराहा और इस दौरान

बडी संख्‍या में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी और सम्‍बोधन में उनके द्वारा अपने जीवन-संघर्ष की स्थितियों के उद्घाटन के कारण प्रतिभा सम्‍मान समारोह मौजूद विद्यार्थियों के लिए कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम बन गया।  आयकर विभाग के पूर्व प्रमुख चीफ कमिश्‍नर के. सी.घुमरिया ने कहा कि अध्‍ययन के लिए संसाधनों का टोटा केवल बहाना है। पढ़ने वाला हर हाल में सफलता अर्जित करता है और उन्‍होंने खुद के परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके पिताजी मजदूर थे, लेकिन वे और उनके भाई अपनी मेहनत के बूते उच्‍च पदों पर पहुंचे और अपने भावुक सम्‍बोधन में एक कहानी सुनाते हुए उन्‍होंने कहा कि दिल में दया और परोपकार की भावना न हो तो पैसा, पद और ताल्‍लुकात कोई अर्थ नहीं रखते। उन्‍होनें युवाओं को चेताया कि सोशल मीडिया का उपयोग जरूरत होने पर ही करें। सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म पर हमेशा डटे रहने की लत अ‍ध्‍ययन में सबसे बड़ी बाधा बनकर उभर रही है।

पूर्व मुख्य सचिव केरल सरकार  टीकाराम मीणा ने बताया कि प्रतिभा और मेहनत दोनों का मेल सफलता दिलाता है। लायक बनने के बाद यदि कोई लोगों के काम न आए तो यह पाप है


हरीशचंद्र माथुर लोक प्रशासन संस्‍थान के अतिरिक्‍त महानिदेशक व भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी टीकमचंद बोहरा ने भी उपस्थित प्रतिभाओं और ग्रामीणों को अपने अधिकारी बनने का संघर्ष साहित्यिक अंदाज में सुनाया और उन्‍होंने कहा कि यह बहुत बुरी बात है कि प्रतिभाओं को भी जाति के आधार पर बांटा जा रहा है। किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का परिणाम आने के बाद सफल अभ्‍यर्थी की जाति ढूंढने की प्रवृत्ति सोशल मीडिया यूजर्स में बढ़ना बुरी बात है। सर्वसमाज की प्रतिभाओं के लिए आयोजित यह समारोह निश्‍चय ही जातिगत संकीर्णता के इस दौर में अनूठी पहल है और इसके लिए डॉ हरसहाय मीना, सुमन मीना व उनकी टीम धन्‍यवाद की पात्र है।भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व वर्तमान में समग्र शिक्षा के राज्‍य  परियोजना निदेशक डा.मोहन लाल यादव ने ग्रामीण पृष्‍ठभूमि के लोगों से आग्रह किया कि वे भूमि विवादों से बचें। इन विवादों का असर पढ़ने वाले नौनिहालों पर भी पड़ता है और कई मामलों में विवाद बढ़ने पर प्रतिभाशाली बालकों का कैरियर तक दांव पर लग जाता है। उन्‍होंने कहा कि समाज का अर्थ जाति नहीं होता। सभी मनुष्‍य एक समाज है, इस भावना को केन्‍द्र में रखकर सर्वसमाज की प्रतिभाओं के लिए आयोजित समारोह में अतिथि बनने पर वे गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

जोधपुर विकास प्राधिकरण के सचिव जयनारायण मीना ने समारोह को सम्‍बोधित करते हुए कहा कि प्रतिभा सम्‍मान समारोह की तरह ही कैरियर गाइडेंट प्रोग्राम भी लक्ष्‍मीनारायण मीना चैरिटेबल टस्‍ट को संचालित करने चाहिए। वे स्‍वयं तथा अ‍न्‍य अधिकारी ग्रामीण युवाओं को अपने अनुभवों का लाभ देने के लिए हमेशा तत्‍पर हैं और उन्‍होंने कहा कि माध्‍यमिक कक्षाओं की पढाई के समय ही अपना लक्ष्‍य तय कर लिया जाए तो सफलता मिलने के आसार बढ़ जाते हैं।

जोधपुर उप जिला कलक्टर नीलम मीना ने भावपूर्ण उद्बबोधन में कहा कि बचपन में मिला सम्‍मान व्‍यक्ति कभी नहीं भूलता। खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि आज भी दसवीं कक्षा में अच्‍छे अंक आने के बाद सम्‍मान स्‍वरूप मिली दीवार घड़ी को उन्‍होंने संभाल कर रखा हुआ है। उन्‍होंने कहा कि वे कामना करती है कि ये प्रतिभाएं मंचस्‍थ प्रतिभाओं से भी अधिक उन्‍नति हासिल करे, और यह असंभव कार्य बिल्‍कुल नहीं है। उन्‍होंने लक्ष्‍मीनारायण मीना चैरिटेबल टस्‍ट से जुडे वृक्ष मित्रों का आह्वान किया कि पहाड़-बहुल जमवारामगढ क्षेत्र की पहाडियों को हराभरा करने में भी अपना श्रम लगाएं।

रोजगार विभाग के सहायक निदेशक हनुमान मीना ने प्रतिभा सम्‍मान समारोह को सम्‍बोधित करते हुए युवाओं को किसी भी तरह के नशे से दूर रहने की नसीहत दी और कहा कि सफलता केवल मेहनत से मिलती है, इसका कोई शॉर्टकट नहीं। उपरजिस्ट्रार सुरेश मीना ने उपस्थिति अभिभावकों से कहा कि शिक्षा सब समस्‍याओं का समाधान है। बालक-बालिकाओं को आगे बढ़ाना ही अपने जीवन का लक्ष्‍य होना चाहिए।

राजधानी के प्रतिष्ठित प्रज्ञान कोचिंग इंस्‍टीयूट के निदेशक बत्‍ती लाल मीना ने अपने ओजस्‍वी उद्बोधन की शुरूआत कृष्‍ण और अर्जुन के पौराणिक संवाद से की। उन्‍होंने घोषणा की कि इस सम्‍मान समारोह में सम्‍मानित सभी प्रतिभाशाली विद्यार्थी यदि उनके कोचिंग संस्‍थान में पढ़ने आते हैं तो वे आधी फीस ही लेंगें। और इस दौरान राजस्थान पुलिस सेवा में चयनित पार्वती मीणा पुत्री जगदिश मीणा निवासी ग्राम कानडियावाला डयोडा डुंगर जमवारामगढ़ को भी प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया और यह कार्यक्रम

सुबह साढे नौ बजे शुरू हुए सम्‍मान समारोह में शाम पांच बजे तक गहमागहमी बनी रही। विभिन्‍न क्षेत्रों की डेढ हजार से अधिक प्रतिभाओं को सम्‍मानित किया गया। इस अवसर पर एटीएस के थानाधिकारी मांगी लाल मीना, जिला परिषद सदस्‍य संगीता शर्मा एवं सम्‍पति देवी, बाबू लाल खारड्या, राजाराम गुर्जर बैनाडा, अनुसूचित जनजाति कर्मचारी समिति अध्‍यक्ष रामगोपाल मीना, पूर्व सरपंच राहौरी हीरा लाल मीना, बाबू लाल गुर्जर, कूंथाडा सरपंच सीताराम मीना, झर सरपंच प्रतिनिधि मोहन मीना, खोरी सरपंच प्रतिनिधि महेश मीना, पडासौली सरपंच अशोक मीना, जगदीश नोनपुरा, सुभाष चौपडा, बाबूलाल खटाना, लालाराम फौजी, मोहन लाल वर्मा, भगवान सहाय डांगरवाडा, रामगोपाल सामोर सहित हजारों की संख्या संख्‍या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here