परसादी लाल मीणा हो सकते हैं राजस्थान के अगले मुख्यमंत्री :: सूत्र

रवि प्रकाश जोरवाल
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख


जयपुर: राजस्थान में सियासी उठापटक के बाद सचिन पायलट को रोकने के लिए अशोक गहलोत का प्लान, मुख्यमंत्री की रेस में सीपी जोशी समेत ये 5 नाम अशोक गहलोत की दिल और दिमाग में घूम रहे हैं। इन 5 नामों में सबसे मजबूत और प्रबल नाम परसादी लाल मीणा का है।
एक ही चार्टर्ड प्लेन से गहलोत और राहुल गांधी दिल्ली आ गए हैं
भारत जोड़ो यात्रा अब केरल के त्रिशूर पहुंच चुकी है। हालांकि, आज इस यात्रा में आराम का दिन है और इस बीच राहुल गांधी दिल्ली आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी आज 23 सितंबर को सोनिया गांधी और प्रियंका के साथ बैठक करेंगे। बैठक में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत भी शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी और अशोक गहलोत एक ही चार्टर प्लेन से दिल्ली आए हैं।

श्री परसादी लाल मीणा को राजस्थान का अगला मुख्यमंत्री बना सकती है कांग्रेस


अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की बात मान चुके हैं, लेकिन अब भी राजस्थान को लेकर उनका मोह छूट नहीं रहा है। राहुल गांधी की ओर से ‘एक व्यक्ति एक पद’ के फॉर्मूले पर अडिग रहने की बात से अशोक गहलोत बैकफुट पर जरूर आए हैं, लेकिन वह सचिन पायलट को सीएम बनने से रोकने के लिए पूरी फील्डिंग सजा रहे हैं। चर्चाएं हैं कि उन्होंने विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी का नाम अपनी जगह सीएम के तौर पर सोनिया गांधी को सुझाया है। हालांकि इसके अलावा भी उनके पास ऐसे कई नाम हैं, जिन्हें आगे बढ़ाकर वह पायलट की उड़ान रोक सकते हैं। इन नामों में रघु शर्मा और बीडी कल्ला का भी जिक्र हो रहा है। ये दोनों नेता भी सीपी जोशी की तरह ही ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और गहलोत गुट के प्रभावशाली लीडर्स में से हैं।
इन नेताओं के अलावा शांति लाल धारीवाल का नाम भी चर्चा में हैं, जो वैश्य समुदाय से आते हैं। शांति लाल धारीवाल अशोक गहलोत के करीबी हैं और प्रभावशाली नेता हैं। प्रदेश की राजनीति में धारीवाल अच्छी पकड़ रखते हैं और उनके जरिए अशोक गहलोत राजस्थान में अपना वर्चस्व बनाए रखना चाहेंगे।
हालांकि राजस्थान कांग्रेस में अंदरखाने परसादी लाल मीणा के नाम की भी चर्चाएं चल रही हैं। इसकी वजह यह है कि राजस्थान में एसटी समुदाय की 13 फीसदी आबादी है, जो दलितों के बाद दूसरा सबसे बड़ा मतदाता समूह है।
यही नहीं इस एसटी वर्ग में सबसे बड़ी संख्या मीणा बिरादरी की है, जो प्रदेश में 7 फीसदी हैं। ऐसे में इस बार सामाजिक समीकरणों को साधने की बात करते हुए अशोक गहलोत परसादी लाल मीणा के नाम का भी प्रस्ताव रख सकते हैं। इस पर हाईकमान को भी शायद ऐतराज नहीं होगा। इसके अलावा सचिन पायलट ग्रुप भी उनका विरोध नहीं कर पाएगा और ऐसा करने की स्थिति में एसटी समुदाय की नाराजगी का खतरा नहीं रहेगा। बता दें कि अशोक गहलोत की सचिन पायलट से प्रतिद्वंद्विता मानी जाती है और अब तक सचिन पायलट के नाम पर कोई भी जवाब देने से अशोक गहलोत बचते आए हैं।
ऐसे में परसादी लाल मीणा को राजस्थान का अगला मुख्यमंत्री बनाये जाने से राजस्थान प्रदेश कांग्रेस तथा आलाकमान दोनों खुश हो सकते हैं और अगला मुख्यमंत्री जनजाति का होने से कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी पर भारी पड़ने के साथ जनजाति को मुख्यमंत्री बनाने पर अच्छा खासा फायदा मिल्स सकता है। इतना ही नहीं, यदि परसादी लाल मीणा को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो राजस्थान का पहला आदिवासी मुख्यमंत्री होगा। जिसका श्रेय भी कांग्रेस ले सकती है।

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