रिश्वत लेते धरा गया जांच अधिकारी :: प्रेम विवाह से जुड़ा था मामला

रवि प्रकाश जूनवाल
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख


जयपुर : जयपुर महानगर कमिश्नरेट की पुलिस थाना ज्योति नगर का हेड कांस्टेबल राजवीर सिंह बुधवार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के हत्थे चढ़ गया।
इंटर कास्ट शादी करने वाले प्रेमी कपल अपनी सुरक्षा को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर में याचिका प्रस्तुत कर रखी है। जिसकी जांच पुलिस थाना ज्योति नगर जयपुर के हेड कांस्टेबल राजवीर सिंह कर रहे हैं।

एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया और आज 5 हजार की घूस लेते ज्योतिनगर थाने के हैड कांस्टेबल राजवीर सिंह को रंगे हाथों दबोच लिया।


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसीबी में शिकायत करने वाले प्रेमी युगल ने करीब एक साल पहले प्रेम विवाह किया था और हाईकोर्ट में खुद की सुरक्षा को लेकर एक याचिका दी थी। इसी की जांच ज्योतिनगर थाने में तैनात हैड कांस्टेबल राजवीर सिंह कर रहा था। जांच के बहाने हैड कांस्टेबल राजवीर सिंह प्रेमीकपल के उस घर पर अक्सर जाता, जहां वो किराए पर रहते थे और इस दौरान उनको परेशान करके कभी 10 तो कभी 5 हजार रूपये की डिमांड करता था।
आखिर परेशान होकर ये कपल एसीबी मुख्यालय जयपुर पहुंचा और एसीबी को पूरा घटनाक्रम बताया। एसीबी ने इस शिकायत का सत्यापन किया और आज 5 हजार की घूस लेते ज्योतिनगर थाने के हैड कांस्टेबल राजवीर सिंह को रंगे हाथों दबोच लिया। पूरे मामले में एसीबी ज्योतिनगर थानाधिकारी को लेकर भी जांच कर सकती है, क्योंकि आरोपी हैड कॉन्स्टेबल ने परिवादी को थानाधिकारी से मिलवाने की बात कही थी।

पुलिस थाना ज्योति नगर का हेड कांस्टेबल राजवीर सिंह बुधवार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के हत्थे चढ़ा


जयपुर एसीबी को इस बात का पूरा-पूरा शक है कि रिश्वत से जुड़े प्रकरण में ज्योति नगर पुलिस थाने के थाना अधिकारी की अहम भूमिका भी हो सकती है। इसलिए एसीबी कभी भी पुलिस थाना ज्योति नगर के थानाधिकारी को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है।

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