श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

मीनेश चंद्र मीणा
हैलो सरकार न्यूज़ नेटवर्क
बस्सी। मनुष्य से जाने अनजाने में कई पाप कर्म होते रहते हैं। इसलिए भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही पापों से मुक्ति मिलती है। धार्मिक कथा के सुनने से न केवल मनुष्य को सद्बुद्धि आती है, अपितु उनका चरित्र का निर्माण भी होता है।

1.मंदिर में ध्वज पूजन करवाते पंडित।


जयपुर जिले के तहसील बस्सी के ग्राम पंचायत दूधली के ग्राम रामपुरावास के ठाकुरजी महाराज मंदिर में सोमवार से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन शुरू हुआ। श्रद्धालु कमलेश कुमार शर्मा ने बताया कि तुंगा रोड स्थित बल वेरी मंदिर से ग्राम के ठाकुर जी मंदिर तक गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में श्रद्धालु नाचते गाते पहुंचे व महिलाएं मंगल गीत गाती पहुंची। इससे पूर्व मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ध्वज पूजन हुआ। मंदिर पहुंचने के बाद श्रीमद्भागवत कथा पोती की पूजा-अर्चना की गई।

2. ग्राम रामपुरावास में गुजरती कलश यात्रा।

इस प्रकार से विधि विधान के अनुसार कथावाचक पंडित योगेंद्र भारद्धाज महाराज ने कथा प्रारंभ की। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण मात्र से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। कथा के श्रवण मात्र से इंसान व्यर्थ की बातों में नहीं भटक कर प्रभु को याद करता रहता है और और उस मनुष्य को भला बुरा कर्म का आभास हो जाता है। वह बुराई नहीं कर पाता जिससे उसका जीवन सरल व सौम्य हो जाता है। इस प्रकार कथावाचक महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा के गूढ़ रहस्यों का खुलासा किया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य खाली हाथ आता है और सब कुछ छोड़कर चला जाता है। श्रीमद् भागवत कथा का समापन 8 जनवरी को होगा। कथा के प्रारंभ उद्बोधन के बाद भागवत कथा की पौथी की महाआरती उतारी गई। श्रद्धालुओं ने मत्था टेक परिवार में सुख समृद्धि की कामना की। बाद में, प्रभु को भोग लगाकर श्रद्धालुओं को वितरित किया।

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