अध्यक्ष जेल से रिहा होते ही बोले – षड्यंत्र के तहत किया गिरफ्तार, डरुंगा नहीं, आखरी सांस तक लडूंगा

मीनेश चंद्र मीणा
हैलो सरकार न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर : राजस्थान के बेरोजगारों की आवाज को बुलंद करने वाले उपेंद्र यादव को मंगलवार को जेल से रिहा किया गया।
गौरतलब है कि राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र यादव को 10 दिन बाद मंगलवार शाम जेल से रिहाई मिली। इस दौरान बेरोजगारों ने उपेन का जोरदार स्वागत किया। वहीं रिहाई के बाद उपेन ने कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुझे बेवजह जेल भेजा गया। लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं। मैं आगे भी बेरोजगारों के हक की लड़ाई लड़ता रहूंगा। चाहे इसके लिए मुझे अपनी जान ही क्यों ना देनी पड़े।

उपेन यादव ने कहा – मैं डरने वाला नहीं हूं। मैं आगे भी बेरोजगारों के हक की लड़ाई लड़ता रहूंगा। चाहे इसके लिए मुझे अपनी जान ही क्यों ना देनी पड़े।


दरअसल, उपेन यादव को पुलिस ने 19 नवंबर को सीकर सीमा से फर्जी दस्तावेज मामले में गिरफ्तार किया था। जिसके बाद से ही उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया था। वहीं सोमवार को एडीजे कोर्ट क्रम संख्या 6 में सुनवाई के बाद उपेन के जमानत के आदेश जारी किए।
उपेन के वकील एडवोकेट एके जैन ने बताया कि जिस मुकदमे में उपेन को गिरफ्तार किया गया है। उससे उसका कोई लेना-देना नहीं है। उपेन के भाई मुकेश यादव के खिलाफ साल 2016 में एक ऐसे व्यक्ति ने एफआईआर दर्ज कराई है। जिसके खिलाफ कई मुकदमें लंबित है। जिसमें मुकेश को गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन कुछ वक्त बाद ही उनकी जमानत भी हो गई थी। उन्होंने बताया कि साल 2020 में मुकेश यादव के खिलाफ चालान पेश किया गया। जिसमें तीन के खिलाफ अनुंसधान लंबित रखा गया था। उपेन का नाम ना तो एफआईआर में था । और ना ही अनुसंधान में फिर भी उन्हें आरोपी बनाया गया।

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