राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने वनरक्षक भर्ती परीक्षा की रद्द, 11 लोगों को किया गया गिरफ्तार

मीनेश चंद मीणा
हैलो सरकार न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर : राजस्थान के कोने-कोने से शामिल हुए वनरक्षक भर्ती परीक्षा 2020 के परीक्षार्थियों की परीक्षा पर संकट के बादल मंडराते हुए नजर आ रहे हैं। शनिवार को इस परीक्षा का पेपर का फोटो खींचकर उत्तर वायरल करने के मामले में जयपुर एसओजी की सूचना पर राजसमंद पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के निर्देशन में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान रेलमगरा थाना इलाके से दीपक शर्मा नाम के विद्युत कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है।
तो वहीं दीपक से पूछताछ के दौरान कड़ी से कड़ी जुड़ती रही और राजसमंद, दौसा, करौली, सवाईमाधोपुर, जयपुर और दिल्ली से कुछ संदिग्धों को डिटेन किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पवन को गंगापुर सिटी, जितेंद्र कुमार को सपोटरा, हेमराज मीणा को लालसोट, गिरिराज को जयपुर के आंधी से, योगेंद्र को भरतपुर के लखनपुर से, राजेश को जयपुर ग्रामीण से, सांवलराम को जयपुर ग्रामीण, मनीष को सवाईमाधोपुर, विजेंद्र को करोली के सपोटरा से और भरत चौधरी नाम के संदिग्ध को दिल्ली से डिटेन किया गया है। कार्रवाई को लेकर राजसमंद पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि आरोपित दीपक शर्मा को गिरफ्तार कर पूछताछ जारी है कि यह पेपर कहां से लगाया और इस नेटवर्क में कितने लोग जुड़े हुए हैं।

दीपक से पूछताछ के दौरान कड़ी से कड़ी जुड़ती रही और राजसमंद, दौसा, करौली, सवाईमाधोपुर, जयपुर और दिल्ली से कुछ संदिग्धों को डिटेन किया गया है।


राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 2.30 बजे 4.30 बजे तक दूसरी पारी का पेपर रद्द कर दिया गया है। यह परीक्षा 12 नवंबर को हुई थी। बोर्ड अध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए है।

एसओजी ने आरोपियों को दबोचा


जांच एजेंसी एसओजी ने करौली निवासी दीपक शर्मा को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने कई अहम राज खोले। उसने वनरक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर दौसा में लालसोट क्षेत्र के गांव अजयपुरा के हेमराज मीणा को परीक्षा शुरू होने के साथ ही उत्तर सीट भेजने की बात स्वीकार की है। इसी सूचना पर दौसा जिला स्पेशल टीम ने परीक्षा देकर लौटते वक्त मोबाइल लोकेशन ट्रेस के आधार पर रेलवे स्टेशन के पास से हेमराज मीणा को दबोचा। जिसे हिरासत में लेकर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया गया है।

पेपर का फोटो खींचकर वायरल

राजस्थान के राजसमंद जिले में वनरक्षक भर्ती परीक्षा पेपर का फोटो खींचकर वायरल करने के मामले में एसओजी ने बड़ी कार्यवाही करते हुए जयपुर, दौसा और करौली से संदिग्ध परिक्षार्थियों को हिरासत में लिया है। एक दर्जन से अधिक परीक्षार्थियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। बता दें राजस्थान वनरक्षक भर्ती परीक्षा शनिवार को शुरू हुई। आज परीक्षा का दूसर दिन था। एसओजी की सूचना पर राजसमंद एसपी सुधीर चौधरी के निर्देशन में डीएसटी टीम ने परीक्षा पेपर देने आए कुछ संदिग्ध परीक्षार्थियों को हिरासत में लिया है। जानकारी के मुताबिक राजसमंद के रेलमगरा थाना क्षेत्र में पेपर का फोटो खींचकर उत्तर सीट वायरल की आशंका के चलते राजसमंद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को हिरासत में लिया है। जिससे पूछताछ जारी है। बताया जा रहा है कि पूछताछ के आधार पर करौली, दौसा, जयपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भी कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। परीक्षा की धांधली को लेकर एसपी चौधरी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि वनरक्षक भर्ती परीक्षा पेपर के उत्तर परीक्षा से एक घंटे पहले उपलब्ध कराने के लिए 5 लाख रूपए की बात स्वीकार की गई है, इसके बारे में भी जांच की जा रही है कि रूपए पहले दिए थे या अभी रूपए का लेने देन शेष है। एसपी चौधरी ने बताया कि जयपुर एसओजी और मुखबिर से रेलमगरा थाना इलाके के दीपक के बारे में सूचना मिली थी, जिसे मौके से हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद इसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इन सभी के मोबाइलों को जब्त कर लिया गया है और जांच की जा रही है कि और कितने लोगों को पेपर वाट्सएप किया गया है।
एसपी चौधरी ने बताया कि वनरक्षक भर्ती परीक्षा का सेकंड पारी का पेपर जो कि ढाई बजे शुरू होना था वह पेपर डेढ बजे ही पहुंच गया था और जब टीम ने इसका मिलान किया तो वह सही पाई गई है। दीपक शर्मा ने यह आंसर सीट दो संदिग्धों दौसा और करौली के रहने वालों को शेयर की थी। इन्हें भी पुलिस ने डिटेन कर लिया है। रेलमगरा के दीपक शर्मा के पास यह आंसर सीट जयपुर निवासी पवन सैनी के पास से आई थी इसे भी पुलिस ने डिटेन कर लिया है। एसपी चौधरी ने बताया कि इन सभी संदिग्धों से गंभीरता से पूछताछ जारी है।
उल्लेखनीय है कि इन सभी को डिटेन करने में एक विशेष टीम का गठन किया था जिसमें रेलमगरा थानाधिकारी भरत योगी, एसआई जसवंत सिंह, हेड कॉन्स्टेबल भंवर सिंह, हेड कॉन्स्टेबल अनिल कुमार, हेड कॉन्स्टेबल विजय सिंह, कॉन्स्टेबल भंवर सिंह, कॉन्स्टेबल कमलेंद्र सिंह, कॉन्स्टेबल चेतराम, कॉन्स्टेबल यशपाल सिंह, कॉन्स्टेबल विष्णु कुमार, कॉन्स्टेबल सोमेंद्र सिंह, कॉन्स्टेबल सुनील कुमार शामिल थे। तो वहीं इस कार्रवाई में हेड कॉन्स्टेबल अनिल कुमार, कॉन्स्टेबल भंवर सिंह और कॉन्स्टेबल सोमेंद्र सिंह का विशेष योगदान रहा।

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